Skip to main content

Mahaveer Hanuman

Lord Hanuman kneeling with his golden mace, hand raised in response, illustration for the Bajrang Baan line Ab Vilamb Kehi Kaaran Swami

बजरंग बाण की यह पंक्ति पूरे पाठ का मोड़ है। यहाँ तक भक्त हनुमान जी की स्तुति कर रहा था। इस पंक्ति से वह सीधे याचना करने लगता है।

मूल पाठ

अब विलम्ब केहि कारण स्वामी।
कृपा करहुँ उर अन्तर्यामी॥

Ab vilamb kehi kaaran Swami,
Kripa karahun ur antaryaami.

अर्थ (Hindi Meaning)

हे स्वामी, अब विलंब क्यों? हे अंतर्यामी, हृदय में बसने वाले, कृपा कीजिए।

Meaning in English

O Lord, why this delay now? O one who dwells within every heart, show your grace.

शब्द-दर-शब्द अर्थ (Word by Word Meaning)

शब्द उच्चारण अर्थ
अब Ab अब, इस समय
विलम्ब Vilamb देर, विलंब
केहि कारण Kehi kaaran किस कारण से, क्यों
स्वामी Swami हे स्वामी, हे प्रभु
कृपा Kripa कृपा, अनुग्रह
करहुँ Karahun कीजिए
उर Ur हृदय
अन्तर्यामी Antaryaami हृदय के भीतर बसने वाले, अंतर की जानने वाले

इस पंक्ति का भाव

बजरंग बाण हनुमान चालीसा से भिन्न है। चालीसा स्तुति है। शांत, क्रमबद्ध, श्रद्धा से भरी। बजरंग बाण पुकार है।

इस पंक्ति तक आते-आते भक्त ने हनुमान जी के सारे पराक्रम गिना दिए हैं। समुद्र लाँघना, लंका दहन, अक्षय कुमार का वध। और फिर वह सीधा प्रश्न रखता है: अब देर किस बात की?

यह प्रश्न ढिठाई नहीं, अधिकार है। जो अपना होता है, उसी से ऐसे पूछा जाता है। और ‘अन्तर्यामी’ कहकर भक्त यह भी जोड़ देता है कि कुछ कहने की आवश्यकता ही नहीं। आप तो भीतर बैठे सब जानते हैं।

Why this line is the turning point

Up to here, the Bajrang Baan has been recounting what Hanuman has already done. From this line on, it asks.

And it asks with a bluntness you will not find in the Chalisa. Why the delay? That is not the language of a stranger petitioning a king. It is the language of someone who believes they have a claim.

The word अन्तर्यामी closes the gap entirely. If you already live inside my heart, there is nothing left for me to explain.

कब पढ़ी जाती है यह पंक्ति

जब प्रार्थना लंबी हो चुकी हो और उत्तर न मिला हो। संकट के समय, विशेषकर जब कोई रास्ता न दिख रहा हो, भक्त इसी पंक्ति को बार-बार दोहराते हैं।

सामान्य प्रश्न (FAQ)

अन्तर्यामी का अर्थ क्या है?

जो हर प्राणी के हृदय के भीतर बसता है और उसके मन की बात बिना कहे जान लेता है।

बजरंग बाण और हनुमान चालीसा में क्या अंतर है?

चालीसा स्तुति प्रधान है और नित्य पाठ के लिए है। बजरंग बाण अधिक तीव्र है और विशेषकर संकट निवारण के लिए पढ़ा जाता है।


पूरा बजरंग बाण अर्थ सहित · बजरंग बाण पाठ