
हनुमान चालीसा की नौवीं चौपाई में तुलसीदास जी एक ही पंक्ति में हनुमान जी के दो बिल्कुल विपरीत रूपों का वर्णन करते हैं, अत्यंत सूक्ष्म और अत्यंत विकराल।
चौपाई ९ का मूल पाठ
सूक्ष्म रूप धरि सियहिं दिखावा।
विकट रूप धरि लंक जरावा॥
Sukshma roop dhari Siyahi dikhava,
Vikat roop dhari Lank jarava.
अर्थ (Hindi Meaning)
सीता जी को सूक्ष्म रूप में दर्शन दिए; और भयानक रूप धरकर लंका दहन किया।
Meaning in English
You appeared before Sita in a subtle, tiny form, and burned Lanka in a terrifying, immense form.
शब्द-दर-शब्द अर्थ (Word by Word Meaning)
| शब्द | उच्चारण | अर्थ |
|---|---|---|
| सूक्ष्म | Sukshma | अत्यंत छोटा, सूक्ष्म |
| रूप | Roop | आकार, स्वरूप |
| धरि | Dhari | धारण करके |
| सियहिं | Siyahin | सीता जी को |
| दिखावा | Dikhava | दर्शन दिए, प्रकट हुए |
| विकट | Vikat | विशाल, भयावह |
| लंक | Lank | लंका |
| जरावा | Jarava | जला दिया |
इस चौपाई के पीछे की कथा
हनुमान जी समुद्र पार कर लंका पहुँचे और अशोक वाटिका में माता सीता को खोज निकाला। वे चाहते तो अपने विशाल रूप में उनके सामने जा सकते थे, परंतु उन्होंने सबसे छोटा रूप धारण किया, ताकि पहले से ही दुखी माता भयभीत न हों, और आसपास पहरा दे रहे राक्षसों का ध्यान भी न जाए।
कुछ ही समय बाद, जब रावण के सैनिकों ने उन्हें बंदी बनाकर उनकी पूँछ में आग लगाई, तब उन्होंने विकराल रूप धारण किया और उसी लंका नगरी को जला डाला।
Why this verse matters
The whole couplet turns on one contrast: the same being takes both forms.
Small enough not to frighten a grieving woman. Vast enough to burn a city.
Tulsidas places these two images side by side deliberately. Strength on its own is not what is being praised here. Knowing which form the moment calls for is. Hanuman shrinks when gentleness serves Rama’s work, and grows when force does. Neither is his default state.
कब स्मरण की जाती है यह चौपाई
भक्त इस चौपाई का स्मरण विशेष रूप से तब करते हैं जब किसी कठिन परिस्थिति में संयम और साहस दोनों की आवश्यकता हो। जहाँ धैर्य चाहिए वहाँ धैर्य, और जहाँ निर्णायक कार्रवाई चाहिए वहाँ निर्भीकता।
सामान्य प्रश्न (FAQ)
सूक्ष्म रूप का क्या अर्थ है?
अत्यंत छोटा रूप। हनुमान जी अष्ट सिद्धियों के स्वामी हैं, जिनमें ‘अणिमा’ सिद्धि सम्मिलित है, किसी भी सीमा तक छोटा हो जाने की शक्ति।
क्या हनुमान जी ने पूरी लंका जलाई थी?
रामचरितमानस के अनुसार उन्होंने लंका के बड़े भाग को जलाया, किंतु विभीषण का भवन और अशोक वाटिका सुरक्षित रहे।
यह चौपाई चालीसा में कहाँ आती है?
यह नौवीं चौपाई है, जो हनुमान जी की लंका यात्रा के वर्णन की शुरुआत करती है।
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